बस्ती: वाल्टरगंज थानाध्यक्ष की मौत का सनसनीखेज खुलासा,हनीट्रैप में फंसाकर 15 लाख वसूले,महिला समेत 3 गिरफ्तार
बस्ती। वाल्टरगंज थाने के थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह (57) की आत्महत्या के मामले में बस्ती पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि थानाध्यक्ष एक शातिर हनीट्रैप गैंग के जाल में फंस गए थे, जिसने वीडियो कॉल और चैट के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर 15 लाख रुपये से ज्यादा वसूले थे।
क्या था पूरा मामला
मूल रूप से आजमगढ़ के निवासी सूर्य प्रकाश सिंह 18 अप्रैल को वाल्टरगंज थाने के प्रभारी बने थे। 29 अगस्त को उनका शव कलेक्ट्रेट के पास स्थित सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला था। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। उनके बेटे संदीप सिंह की तहरीर पर कोतवाली में केस दर्ज कर पुलिस ने कॉल डिटेल और मोबाइल डेटा खंगाला तो कहानी सामने आई।
कैसे फंसाया
डीआईजी संजीव त्यागी के मुताबिक गैंग की मास्टरमाइंड 32 वर्षीय प्रियंका चौधरी है, जो पति से अलग रहती है। आरोप है कि उसने थानाध्यक्ष से पहले नजदीकी बढ़ाई, फिर निजी वीडियो बनाकर वीडियो कॉल पर कलाई काटने और आत्महत्या के केस में फंसाने की धमकी दी। उसके पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर 1 करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे।
परेशान होकर थानाध्यक्ष ने 29 अगस्त को दोपहर में आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार आत्महत्या से कुछ घंटे पहले 1:41 बजे वकील विजय प्रकाश ने उन्हें आखिरी कॉल की थी।
पुलिस का एक्शन,3 गिरफ्तार
6 सितंबर को पुलिस ने सदर अस्पताल के पास से तीनों आरोपियों – प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश को गिरफ्तार किया। उनके पास से एक बोलेरो कार और 3 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। मुकदमा अपराध संख्या 387/2026 में BNS की धारा 108 के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस का दावा है कि इस गैंग ने 3 और लोगों से भी लाखों की वसूली की है – डॉ. उमेश से 4 लाख, अहमद रजा से 5 लाख और आर्यन दीक्षित से 15 लाख रुपये।

