दहेज उत्पीड़न के दोषी विनय तिवारी को दो साल की सजा, आठ हजार रुपये जुर्माना
बहराइच। दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने के मामले में न्यायालय ने दोषी पति को दो वर्ष के साधारण कारावास और आठ हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। यह फैसला शनिवार को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के बाद सुनाया गया।
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मामला वर्ष 2018 का है। शिकायतकर्ता ने महिला थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनकी पुत्री का विवाह करीब तीन वर्ष पूर्व गोण्डा जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के खनवापुर निवासी विनय कुमार तिवारी पुत्र उमाशंकर के साथ हुआ था। आरोप था कि विवाह के छह माह बाद ही ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाने लगा।
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आरोप के मुताबिक, 29 मार्च 2018 की रात करीब नौ बजे 10 लाख रुपये नकद और संपत्ति की मांग को लेकर विवाहिता के साथ मारपीट की गई। मामले में महिला थाने में पांच अप्रैल 2018 को विनय तिवारी समेत अन्य के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने सात जुलाई 2018 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
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मामले की सुनवाई करते हुए पीठासीन अधिकारी श्रीमती अर्जिता वर्मा, सिविल जज (अवर खंड)/एफटीसी (महिला के विरुद्ध अपराध) न्यायालय, बहराइच ने 31 अक्टूबर 2026 को अभियुक्त विनय कुमार तिवारी को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।
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न्यायालय ने धारा 498ए में दो वर्ष का साधारण कारावास व तीन हजार रुपये जुर्माना, धारा 323 में तीन माह का कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 325 में दो वर्ष का कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 में एक वर्ष का कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना लगाया।
पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मॉनिटरिंग सेल, महिला थाना पुलिस, अभियोजन अधिकारी प्रमोद पटेल, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल पवन कुमार मौर्य और थाना पैरोकार महिला कांस्टेबल नेहा भारती की प्रभावी पैरवी से यह सजा संभव हो सकी।