एचआईवी जागरूकता के लिए विभाग बनाएंगे साझा एक्शन प्लान,सीडीओ की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय स्टेकहोल्डर्स बैठक
बहराइच । एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों, कलंक और भेदभाव को दूर करने के लिए अब विभिन्न विभाग मिलकर सघन जागरूकता अभियान चलाएंगे। इसके लिए आगामी दो माह की साझा कार्ययोजना तैयार की गई है। अभियान के तहत जिले में 12 प्रमुख जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उप्र राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (यूपीसैक्स), लखनऊ के तत्वावधान में बुधवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय स्टेकहोल्डर्स एडवोकेसी एवं तैयारी बैठक हुई। मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियान की गतिविधियों और लक्षित समूहों तक पहुंच बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
अभियान के तहत ब्लॉक स्तर पर अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। रोडवेज बसों के स्टाफ की एचआईवी जांच एवं जागरूकता, डिग्री व इंटर कॉलेजों में विद्यार्थियों के साथ बैठकें, एनएसएस-एनसीसी कैडेट्स की रैली और ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधानों व पंचायत सदस्यों के साथ जागरूकता बैठकें होंगी। आईसीटीसी कार्यकर्ता इन गतिविधियों में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
सीडीओ श्री धनवंता ने कहा कि एचआईवी/एड्स से जुड़ी भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें। वैज्ञानिक तथ्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर लोगों को जांच और उपचार के लिए प्रेरित किया जाए। बैठक में एचआईवी नियंत्रण के लिए श्95-95-95श् रणनीति की जानकारी दी गई।
इसके तहत 95 प्रतिशत संक्रमित लोगों को अपनी एचआईवी स्थिति की जानकारी, चिन्हित संक्रमित लोगों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) से जोड़ने और उपचार ले रहे लोगों के वायरल लोड को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने पर जोर दिया गया।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने कहा कि समय से जांच और नियमित दवा लेने पर एचआईवी संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है। उन्होंने बताया कि संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई या संक्रमित रक्त से फैलता है। साथ बैठने, खाने, हाथ मिलाने अथवा सामान्य सामाजिक मेलजोल से संक्रमण नहीं फैलता। जिला क्षय रोग/एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. एमएल वर्मा ने बताया कि ईवीटीएचएस कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की समय से एचआईवी एवं सिफलिस जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे मां से शिशु में संक्रमण के खतरे को रोका जा सके।
दिशा यूनिट गोण्डा के क्लस्टर कार्यक्रम प्रबंधक विजय कान्त शुक्ल और टीआई शरणम् संस्थान के परियोजना प्रबंधक संदीप सिंह ने अभियान की कार्ययोजना प्रस्तुत की। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी सहित आईसीटीसी केंद्रों के कर्मी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

