घाघरा घाट पर बाढ़ बचाव का मॉकड्रिल, प्रशासन ने लोगों को जागरूक करने के लिए किया अभ्यास
बहराइच।घाघराघाट सरयू नदी पर 11 जून गुरुवार को बाढ़ से बचाव हेतु एक व्यापक मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटना और आम जनता को जागरूक करना था।
इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और बाढ़ राहत से जुड़े विभिन्न विभागों की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। इसमें लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, राहत सामग्री वितरण, प्राथमिक उपचार, नाव संचालन और आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों का प्रदर्शन शामिल था।
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मॉक एक्सरसाइज में एसडीएम कैसरगंज अखिलेश कुमार सिंह, तहसीलदार कैसरगंज मीना गौड़ और नायब तहसीलदार सचिन श्रीवास्तव सहित राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, विकास विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को बाढ़ के समय घबराने के बजाय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। उन्हें ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर रहने, बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करने के लिए कहा गया।
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एसडीएम कैसरगंज अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार बाढ़ से बचाव की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए टीमें अलर्ट मोड पर हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन किसी भी आपदा की स्थिति में आमजन की सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है।
तहसीलदार मीना गौड़ ने लोगों से अपील की कि बारिश और बाढ़ के दौरान अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
वहीं नायब तहसीलदार सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है तथा राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
मॉक एक्सरसाइज के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रशासन द्वारा दी गई जानकारियों को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा आपदा के समय त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाना रहा।
