नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन सश्रम कारावास,कोर्ट ने 1.05 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया
बहराइच। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषसिद्ध अभियुक्त को न्यायालय ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त पर कुल 1.05 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीसी द्वितीय/रेप एंड पॉक्सो एक्ट कोर्ट नंबर-1 बहराइच सुनील कुमार-XII की अदालत ने थाना कोतवाली देहात के मुकदमे में दोषी अभियुक्त कमल कुमार मिश्रा पुत्र देवकी नंदन मिश्रा, निवासी दूलम्हा, थाना कोतवाली देहात को सजा सुनाई।
पुलिस के अनुसार 25 सितंबर 2024 को वादिनी ने थाना कोतवाली देहात में तहरीर देकर अपनी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास तथा विरोध करने पर मारपीट का आरोप लगाया था। मामले में मुकदमा संख्या 528/24 दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने धारा 115(2) बीएनएस के तहत अभियुक्त को छह माह कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन सश्रम कारावास, यानी दोषसिद्ध अभियुक्त के प्राकृतिक जीवन के शेष भाग तक, तथा एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अभियोजन की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप यह सजा हुई। मामले में विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो सुरेन्द्र कुमार मौर्या, मॉनीटरिंग सेल, कोर्ट मोहर्रिर बबिता पाण्डेय और थाना पैरोकार शाहरुख सहित पुलिस टीम की प्रभावी पैरवी रही।

