जिले की 11 समितियों पर भेजी गई 3510 बोरी यूरिया उर्वरक
बहराइच । जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव द्वारा अवगत कराया गया है वर्तमान में जिले में 4946 मैट्रिक टन यूरिया, 5437 मैट्रिक टन डीएपी, 3797 मैट्रिक टन एनपीके एवं 12973 मैट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक उपलब्ध है। जनपद की सभी समितियो पर उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा यूरिया वितरण कार्य की सघन निगरानी की जा रही है। डॉ. यादव ने बताया कि आज जिले की 11 सहकारी समितियो क्रमशः साधन सहकारी समिति कसेहरी बुजुर्ग, अमवा तेतारपुर, अंबा, चफारिया, रामपुर, रमवापुर हुजूरपुर, बदरौली एव सहकारी संघ चफारिया पर 13.5-13.5 मै.टन, साधन सहकारी समिति विशेश्वरगंज पर 22.5 मै.टन एवं साधन सहकारी समिति कटरा बहादुरगंज पर 4.95 मै.टन उर्वरक भेजी गई है। इस प्रकार जनपद की कुल 11 समितियां पर 157.95 मै.टन या 3510 बोरी यूरिया उर्वरक भेजी गयी।
डॉ. यादव ने बताया कि कृत्रिम कमी पैदा करने वाले दुकानदारों पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कृषकों से अपील की है कि अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। जनपद में अब तक 63352 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है। गत मंगलवार को जिले में 623 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में एसएसबी व पुलिस विभाग से समन्वय कर बड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिले की सभी समितियों एवं विक्रय केन्द्रों पर पुलिस, राजस्व व कृषि विभाग की देख-रेख में उर्वरक का वितरण कराया जा रहा है।उर्वरक वितरण के सम्बन्ध में शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर ए.आर. को-आपरेटिव, जिला प्रबंधक पीसीएफ एवं इफको के प्रतिनिधि के साथ प्रतिदिन बैठक कर उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की जाती है तथा जिन समितियों पर पांच मैट्रिक टन से कम यूरिया उपलब्ध होती है वहां उर्वरक भेजने की कार्रवाई की जा रही है। जनपद में उर्वरक की कमी नहीं लगातार यूरिया रैक प्राप्त हो रही है। जिले को प्राप्त होने वाली उर्वरक को सहकारी समितियां एवं प्राइवेट दुकानदारों के यहां भेजा जा रहा है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया है कि यूरिया उर्वरक को एडवांस में खरीद कर भंडारण ना करें। डॉ. यादव ने बताया कि किसानों को समय पर एवं सही मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
