जरवल में राम कथा का समापन: भजन पर बरसी आंसुओं की अमृत वर्षा
बहराइच। जरवल क्षेत्र में आयोजित संगीतमय श्री राम कथा ‘अमृत वर्षा’ के नौवें व अंतिम दिवस ने भक्तों के हृदयों में अमिट छाप छोड़ दी। पूज्य रुबी दीदी जी ने अपने कोमल मुखारविंद से रामचरितमानस की उन पवित्र कड़ियों का ऐसा जीवंत चित्रण किया कि समस्त सभा मंत्रमुग्ध हो गई। सीता माता की व्याकुल खोज, राम-रावण के भयंकर युद्ध की गर्जना से लेकर अयोध्या के राजतिलक की भव्यता तक हर घटना ने श्रोताओं को भगवान श्री राम के चरणों में खींच लिया।
जाते-जाते दीदी जी ने एक ऐसा सुंदर भजन प्रस्तुत किया, ‘हम बृजवासी अपने घर जा रहे हैं…’, जो सुनते ही माताओं-बहनों व सभी भक्तों की आंखों से अश्रुधारा बह निकली। उनकी मधुर स्वरलहरी में डूबे भक्त भावुक हो उठे। तभी आकाश से रिमझिम वर्षा की बूंदें टपकने लगी,मानो स्वयं प्रभु श्री राम व भक्तों के आराध्य हनुमान जी उस पावन स्थान पर अवतरित हो गए हों।
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दीदी जी की आंखें भी नम हो गईं, और सभा में एक दिव्य शांति उतर आई, जैसे रामराज्य का आगमन हो गया हो। अगले दिन प्रातःकाल हवन व पूर्णाहुति का भावपूर्ण अनुष्ठान संपन्न हुआ। सभी भक्तों ने घी-की आहुतियों के साथ अपनी मनोकामनाएं प्रभु को अर्पित कीं। इस कथा ने न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की, बल्कि सामुदायिक एकता को भी मजबूत किया। भक्तों का कहना है कि यह ‘अमृत वर्षा’ जीवन भर याद रहेगी।
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