करंट हादसे में जिंदगी और मौत से जूझ रहे पिता और दो मासूम बेटियां, मदद को आगे आई वानर सेना,संरक्षक अजीत सिंह की पहल से जुटे 6.30 लाख रुपये, संस्था ने भी दिए 50 हजार
बहराइच। महसी विधानसभा क्षेत्र के गदामार गांव में करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे किसान राजबहादुर सिंह और उनकी दो मासूम बेटियां पारुल व प्राची जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं। तीनों का लखनऊ के शारदा नारायण SIPS सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उपचार चल रहा है। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
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बताया जा रहा है कि हादसे में तीनों के शरीर का काफी हिस्सा झुलस गया है। चिकित्सकों ने जटिल ऑपरेशन और लंबे इलाज की जरूरत बताई है। इलाज में करीब 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने इलाज का खर्च जुटाना बड़ी चुनौती बन गया है।
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ऐसे मुश्किल समय में देवदूत वानर सेना परिवार की मदद के लिए आगे आई है। संस्था के संरक्षक अजीत सिंह ने मदद की अपील करते हुए लोगों से आर्थिक सहयोग का आह्वान किया। उनकी पहल से अब तक करीब 6.30 लाख रुपये की सहायता राशि जुटाई जा चुकी है। वहीं संस्था की ओर से तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी दी गई है।
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अजीत सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अस्पताल में एक परिवार की जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष चल रहा है। करीब 50 लाख रुपये के इलाज का खर्च इस सामान्य परिवार के लिए उठाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बहराइच का हर नागरिक अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ा-सा भी सहयोग करे तो परिवार को इस संकट से उबरने में मदद मिल सकती है।
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मदद जुटाने में आयुष्मान सिंह, आयुष सिंह जनवार (अधिवक्ता), उत्कर्ष सिंह (समाजसेवी, मिहींपुरवा) और अमन की भी विशेष भूमिका रही है। परिजनों और सहयोगियों ने लोगों से आगे बढ़कर आर्थिक मदद करने की अपील की है।