नमाज पढ़कर घर लौट रहे वसीम की हत्या में दोषी को उम्रकैद,पुरानी रंजिश में चाकू से किया था हमला, अदालत ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
बहराइच। मटेरा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला कर वसीम खां की हत्या करने के मामले में अदालत ने दोषी इब्राहिम उर्फ गुल्ले को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चतुर्थ अपर जिला जज सुश्री कविता निगम ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं, आर्म्स एक्ट के आरोपों से उसे दोषमुक्त कर दिया गया।
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अभियोजन के अनुसार, सात जून 2024 की सुबह करीब 4:50 बजे वसीम खां गांव की मस्जिद में नमाज पढ़कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के ही इब्राहिम उर्फ गुल्ले पुत्र कुतुबुद्दीन ने पुरानी रंजिश के चलते उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी रेशमा बेगम की तहरीर पर मटेरा थाने में हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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मामले की विवेचना तत्कालीन निरीक्षक परमानंद तिवारी ने की। साक्ष्य संकलन और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद नौ जुलाई 2024 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मामले में प्रभावी पैरवी के बाद शुक्रवार, नौ अक्टूबर 2026 को अदालत ने इब्राहिम उर्फ गुल्ले को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन साधारण कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। हालांकि, आर्म्स एक्ट की धाराओं 4/25/27 के आरोपों में उसे दोषमुक्त कर दिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल, मटेरा थाना पुलिस, अभियोजक सुनील कुमार जायसवाल (एडीजीसी), कोर्ट मोहर्रिर और थाना पैरोकार ने मामले में प्रभावी पैरवी की।